अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में विदेशियों पर चढ़ रहा राजस्थानी संस्कृति का जादू

राजस्थानी संस्कृति और परम्परा का सबसे खूबसूरत मेले का विधिवत शुभारम्भ 4 नवंबर से हो गया है। इस अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले (International Pushkar Fair 2019) का बुधवार यानि आज तीसरा दिन है।

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International Pushkar Fair 2019

राजस्थानी संस्कृति और परम्परा का सबसे खूबसूरत मेले का विधिवत शुभारम्भ 4 नवंबर से हो गया है। इस अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले (International Pushkar Fair 2019) का बुधवार यानि आज तीसरा दिन है। पुष्कर मेले के तीसरे दिन मेला स्टेडियम में विभिन्न खेलकूद एवं पशु प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इस मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और राजस्थानी संस्कृति ने देशी विदेशी सैलानियों के खूब लुभाया।

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मेले (Pushkar Fair) के तीसरे दिन देशी-विदेशी मेहमानों के बीच कबड्डी प्रतियोगिता हुई। इस दौरान विदेशी सैलानी भी राजस्थानी रंग में नजर आए। इस प्रतियोगिता के बाद मेले में हॉर्स डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें अलग-अलग जगहों से आए  सजे-धजे घोड़ों ने डांस किया। वहीं मेले के दूसरे दिन मंगलवार को पर्यटन विभाग की ओर से ऊंट शृंगार,गोरबंध एवं ऊंट नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

मंगलवार को पहले दौर में आयोजित ऊंट शृंगार प्रतियोगिता में 10 ऊंट पालकों ने अपने-अपने ऊंटों को पूरी तरह से सजा कर मंच पर लाए और यहां ऊंटों से कैटवाक करवाया गया। इस प्रतियोगिता में सीकर के विजेंद्र सिंह पहले स्थान पर रहे।

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 International Pushkar Fair 2019

इसके साथ ही पुष्कर मेले (International Pushkar Fair 2019) में स्थानीय खेल लंगड़ी टांग और सतोलिया प्रतियोगिता का भी आयोजन  किया गया। इन दोनों ही खेलों में स्थानीय खिलाड़ियों के साथ ही विदेशी खिलाड़ियों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। इन सभी खेल और प्रतियोगिताओं के दौरान विदेशी सैलानी काफी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए।

हर वर्ष कार्तिक माह में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुष्कर मेले (International Pushkar Fair 2019) को इस बार भी 3 चरणों में बांटा गया है। पशुपालन विभाग की ओर से पशु मेले के पहले चरण का शुभारंभ 28 अक्टूबर को हो गया था,लेकिन मेले का विधिवत शुभारंभ 4 नवंबर को हुआ। वहीं धार्मिक रूप से मेले की शुरुआत कार्तिक माह की एकादशी को 8 नवंबर से होगी जो 12 नवंबर पूर्णिमा को महास्नान के साथ समाप्त होगी।

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