एकतरफा प्यार के चक्कर में सलाखों के पीछे पहुंचा सीआईएसएफ कमांडेंट

अपने प्यार को पाने के लिए कुछ भी कर गुजर जाना और दूसरे को नीचा दिखाना, अब तक ये सब अपने किसी धारावाहिक और फिल्म में देखा होगा। मगर यहां कुछ ऐसा हुआ है कि एक सीआईएसएफ का कमांडेंट (CISF Commandant) असल जिंदगी में अपने एक तरफा प्यार के चलते जेल की सलाखों के पीछे पहुँच गया है।

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CISF Commandant

अपने प्यार को पाने के लिए कुछ भी कर गुजर जाना और दूसरे को नीचा दिखाना, अब तक ये सब अपने किसी धारावाहिक और फिल्म में देखा होगा। मगर यहां कुछ ऐसा हुआ है कि एक सीआईएसएफ का कमांडेंट असल जिंदगी में अपने एक तरफा प्यार के चलते जेल की सलाखों के पीछे पहुँच गया है। दरअसल इस सीआईएसएफ कमांडेंट (CISF Commandant) ने राजस्थान कैडर की एक महिला आईएएस के पति की कार में चरस रखकर पुलिस को सूचना दे दी।अपनी इस करतूत के जरिए ये सीआईएसएफ कमांडेंट उस महिला के पति को फंसना चाहता था। मगर आरोपी की चालाकी ज्यादा दिन नहीं चली और अपने गुनाह के लिए उसे हिरासत में जाना पड़ा।

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फाउंडेशन कोर्स में हुआ एकतरफा प्यार –

हुआ यूँ कि आरोपी कमांडेंट (CISF Commandant) रंजन प्रताप सिंह ने महिला आईएएस के साथ मसूरी में फाउंडेशन कोर्स किया था। जहाँ आरोपी को मन ही मन उस महिला अधिकारी से एकतरफा प्यार हो गया। वहीं दूसरी और वो महिला आईएएस अधिकारी इस बात से बेखबर थी। आरोपी की महिला आईएएस के साथ कभी-कभी बात होती थी। मगर महिला आईएएस कुछ दिनों से आरोपी का फोन नहीं उठा रही थी। इस बात से आरोपी नाराज हो गया था। जिसके चलते वो महिला आईएएस और उसके पति से बदला लेने पर उतारू हो गया। इसके लिए उसने महिला अधिकारी के पति को ड्रग्स तस्करी के मामले में फंसाने का पूरा षड्यंत्र रच डाला।

CISF Commandant

गाड़ी में ड्रग्स रख पुलिस को लिया फोन –

पुलिस की मुताबिक 09 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस और CISF को एक अनजाने मोबाइल नंबर से कॉल आया कि,इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में खड़ी एक कार में कुछ संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। जानकारी के बाद जब सीआईएसएफ की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में पहुंचकर जब उस कार की जांच की तो उसमें करीब 500 ग्राम चरस के पैकेट पाए गए। इसके बाद मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस को दी गई। दिल्ली पुलिस ने जब इस पूरे मामले की तफ़्तीश की तो पता चला जिसके मोबाइल से कॉल किया गया था वो मेहरोली का रहने वाला है, वो नंबर एक पकोड़े बेचने वाले व्यक्ति का था।

पुलिस तफ्तीश में मामला आया सामने –

पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो पता लगा कि वह जब कटवारिया सराय में था तो एक व्यक्ति ने उसका मोबाइल लेकर फोन किया था। इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक निकेतन की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो दो व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूमते हुए दिखाई दिए।सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने साकेत निवासी कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह और उसके वकील साथी नीरज चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों ने आईएएस के पति की कार में चरस रखने की बात स्वीकार कर ली।

विदेश मंत्रालय में डेपुटेशन पर कार्यरत है आरोपी –

गौरतलब है कि आरोपी सीआईएसएफ कमांडेंट (CISF Commandant) रंजन प्रताप सिंह मूल रूप से यूपी के अलीगढ़ का रहने वाला है। वो विदेश मंत्रालय में डेपुटेशन पर कार्यरत है। फ़िलहाल वह दिल्ली के साकेत इलाके में रहता है। वह मिनिस्ट्री ऑफ सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक निकेतन वाले दफ़्तर में कार्यरत सीनियर कंसल्टेंट अमित सावंत (महिला के पति )को ड्रग्स की तस्करी के आरोप में फंसाने की कोशिश में जुटा हुआ था। जानकारी के मुताबि  वह अलीगढ़ से ही दस हजार रुपये में चरस खरीद कर लाया था। उसने अलीगढ़ में सलमान नाम व्यक्ति से चरस खरीदी थी। आगे की तफ्तीश के लिए लोधी कॉलोनी थाने की एक पुलिस टीम जल्द ही अलीगढ़ सलमान की तलाश में दबिश देने जाएगी।

फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। लोधी कॉलोनी पुलिस ने गुरुवार शाम को दोनों को कोर्ट में पेश कर कमांडेंट (CISF Commandant) को एक दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं दूसरे आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

 

 

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