रामजन्म भूमि फैसले से पहले छावनी में तब्दील हुआ अयोध्या

अयोध्या में रामजन्भूमि (Ramjanmabhoomi Decision) से जुड़े मामले पर अब कभी भी फैसला आ सकता है। अयोध्या पर फैसले से पहले सुरक्षा के मद्देनजर यूपी में अयोध्या और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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Ramjanmabhoomi Decision

अयोध्या में रामजन्भूमि (Ramjanmabhoomi Decision) से जुड़े मामले पर अब कभी भी फैसला आ सकता है। अयोध्या पर फैसले से पहले सुरक्षा के मद्देनजर यूपी में अयोध्या और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं इस फैसले को लेकर अयोध्या में पहले ही 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अंबेडकर नगर के अलग-अलग स्कुल-कॉलेजों में 8 अस्थाई जेल बनाई गई है।क्षेत्र का प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए सुरक्षात्मक मोड में हैं। ऐसे में संवेदनशील मामला होने की वजह से एहतियात बरतते हुए ऐसा किया गया है।

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गौरतलब है कि लम्बे समय से चले आ रहे इस संवेदनशील विवाद पर अगले सप्ताह तक फैसला आए सकता है। (Ramjanmabhoomi Decision) मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है। बता दें कि रामजन्मभूमि विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को पूरी करने के बाद फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया था। वहीं इस मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायरमेंट यानि 17 नवंबर से पहले कभी भी इस मामले पर फैसला आ सकता है।

वहीं देश में ये सबसे बड़ा राजनीतिक(Ramjanmabhoomi Decision) मुद्दा भी रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने नेताओं और मंत्रियों से अयोध्या विवाद पर अनावश्यक बयानबाजी न करने की सलाह भी दी है।

मुद्दा जब संवेदनशील हो तो अफवाहें भी बहुत जल्दी फैलती हैं। ऐसे में (Ramjanmabhoomi Decision)  अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट का प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलियंटिर्स को निगरानी के लिए तैनात किया है।वहीं सुरक्षा बलों को 700 सरकारी स्कूलों, यूपी बोर्ड से सहायता प्राप्त 50 और 25 सीबीएसई स्कूलों में ठहराया गया है।

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